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व-यबक़ा-वज्ह-ओ-रब्बिक (हम देखेंगे) Ham Dekhenge

हम देखेंगे फैज़ अहमद फैज़ हम देखेंगे लाज़िम है कि हम भी देखेंगे लाज़िम = Compulsory वो दिन कि जिस का वादा है जो लौह-ए-अज़ल में लिख्खा है लौह-ए-अज़ल = The eternal slate on which the destiny of the whole universe from start to end has been recorded जब ज़ुल्म-ओ-सितम के कोह-ए-गिराँ रूई की तरह उड़ जाएँगे ज़ुल्म-ओ-सितम = Oppression, कोह-ए-गिराँ = Big Mountains हम महकूमों के पाँव-तले जब धरती धड़-धड़ धड़केगी महकूमों = Public which is ruled by someone और अहल-ए-हकम के सर-ऊपर जब बिजली कड़-कड़ कड़केगी अहल-ए-हकम = Tyrant जब अर्ज़-ए-ख़ुदा के काबे से सब बुत उठवाए जाएँगे अर्ज़-ए-ख़ुदा = Earth created by God, बुत = Idols हम अहल-ए-सफ़ा मरदूद-ए-हरम मसनद पे बिठाए जाएँगे अहल-ए-सफ़ा = People with Pure Character, मसनद = Position of Respect मरदूद-ए -हरम = Persons who have been rejected or thrown from a respectable place सब ताज उछाले जाएँगे सब तख़्त गिराए जाएँगे बस नाम रहेगा अल्लाह का जो ग़ाएब भी है हाज़िर भी जो मंज़र भी है नाज़िर भी ग़ाएब = Invisible, हाज़िर = Visible, मंज़र = easily seen, नाज़िर= Observer उट...

वो बात सारे फ़साने में जिस का ज़िक्र न था वो बात उन को बहुत ना-गवार गुज़री है

 फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार (Night of Awaiting)  गुज़री है  तलाश में है सहर    (Morning)  बार बार गुज़री है  जुनूँ  (Passion )   में जितनी भी गुज़री ब-कार गुज़री है  अगरचे  (Although )  दिल पे ख़राबी हज़ार गुज़री है  हुई है हज़रत-ए-नासेह  (Mister Advisor )  से गुफ़्तुगू  (Conversation )  जिस शब  वो शब  (Night )  ज़रूर सर-ए-कू-ए-यार  (Towards the Lover's Street )    गुज़री है  वो बात सारे फ़साने  (A Tale )  में जिस का ज़िक्र न था  वो बात उन को बहुत ना-गवार  (Unacceptable )  गुज़री है  न गुल खिले हैं न उन से मिले न मय पी है  अजीब रंग में अब के बहार गुज़री है  चमन पे ग़ारत-ए-गुल-चीं  (Destruction caused by Flower Plucker )  से जाने क्या गुज़री  क़फ़स  (Prison, Cage )  से आज सबा  (The Morning Breeze )  बे-क़रार गुज़री है Link for   उर्दू है मेरा नाम