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चीन का धरातल

चीन का धरातल (SURFACE OF CHINA )                                                                                                                                  By: Sabir Chdhry चीन एक पर्वतीय तथा पठारी प्रदेश है। चीन की 43% भूमि पर पर्वत , 26% भूमि पर पठार तथा शेष भूमि पर मैदान, बेसिन तथा रेगिस्तान फैले हुए हैं। इस प्रकार चीन का 70 % भाग पर्वतों एवं पठारों से ढका हुआ है।   चीन के पर्वत क्रम— चीन में पर्वत श्रेणियों का क्रम पश्चिम से पूर्व एवं उत्तर-पूर्व दिशा की ओर पाया जाता है। चीन में दुनिया की समुद्र तल से 8,000 मीटर से अधिक ऊंची 12 पर्वत चोटियों में से सात स्थित हैं। चीन में प्रस...

चीन की स्थिति एवं विस्तार

 चीन की  स्थिति एवं विस्तार  (CHINA'S  LOCATION AND EXTENSION )                                                                                      By: Sabir Chdhry चीन, एशिया महाद्वीप के पूर्व में स्थित एक विशाल और महत्वपूर्ण देश है जहां विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या (141 करोड़) निवास करती है। चीन एक साम्यवादी गणतन्त्र है। 1949 से पूर्व चीन एक राष्ट्रवादी गणतंत्र था  जिसके शासन की बागडोर अध्यक्ष च्यांग काई शेक के हाथ में थी। चीन का   क्षेत्रफल 95,96,961 वर्ग किलोमीटर है। यह क्षेत्रफल में  लगभग समस्त यूरोप (1.01 करोड़ वर्ग किलोमीटर)   के बराबर है। Click to Subscribe JUNIOR GEOGRAPHER   स्थिति एवं विस्तार (LOCATION AND EXTENSION) एशिया के पूर्वी भाग में स्थित चीन 18 °  उत्तर...

चीन की जलवायु की दशाएं

  चीन की जलवायु की दशाएं  (CLIMATIC CONDITIONS OF CHINA)                                                            By: Sabir Chdhry चीन समुद्र तट से लेकर एक विशाल आन्तरिक महाद्वीपीय भाग तक फैला हुआ है, इसलिए इस देश की जलवायु पर समुद्र तथा महाद्वीपीयता दोनों का प्रभाव पड़ता है। चीन की जलवायु पर मानसूनी जलवायु तथा तिब्बत तुल्य जलवायु की दशाएं देखने को मिलती हैं। चीन की जलवायु पर मानसूनी हवाएं, मौसम, चक्रवात तथा चक्रवातीय तूफानों का प्रभाव स्पष्ट रूप में देखने को मिलता है। साथ ही चीन का अक्षांशीय विस्तार (18 °  N से 53 °  N)  भी जलवायु को प्रभावित करता है |  यहां की जलवायु में शीत ऋतु तथा ग्रीष्म ऋतु में मिलने वाली दशाएं निम्नलिखित हैं : Click to Subscribe JUNIOR GEOGRAPHER Click to Subscribe JUNIOR GEOGRAPHER ग्रीष्म ऋतु — ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लम्ब रूप में पड़ती हैं। इसके फलस्वरूप एशि...

जापान में सूतीवस्त्र उद्योग

             जापान में सूतीवस्त्र  उद्योग      जापान का औद्योगिक विकास सूती वस्त्र व्यवसाय के विकास के साथ ही प्रारंभ हुआ है | यहां सबसे पहले 1862 में दक्षिणी क्यूशू में कागोशिमा   में सूती वस्त्र का कारखाना खुला | उसके बाद 1880 तक ओसाका तथा इसके आसपास के नगरों में अनेक कारखाने खुल गए | 1910 तक जापान में 140 सूती कपड़ों के कारखाने खुल गए तथा इनमें 160 करोड वर्ग मीटर सूती वस्त्रों का उत्पादन हुआ |      1930 के दशक में   जापान ने पहली छमाही के दौरान किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक कपास का निर्यात किया था । 1935 तक जापान में सूती वस्त्र बनाने के 285 कारखाने हो गए तथा इनमें 360 करोड वर्ग मीटर सूती वस्त्र तैयार हुआ | कच्चे कपास की स्थानीय खेती के अभाव में , जापान को अपने उत्पादन को पूरा करने के लिए आयात की ओर रुख करना पड़ा माँग। 1900 के दशक से 1930 तक भारत जापान को कच्चे कपास का प्रमुख आपूर्तिकर्ता था , जबकि उस समय के अधिकांश समय के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता थ...